editor.mrrjournal@gmail.com +91-87663-44163 E-ISSN: 2584-184X
Impact Factor: 5.67

MRR Journal

Abstract

Indian Journal of Modern Research and Reviews, 2024; 2(6): 59-64

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किशोरों में डिजिटल व्याकुलता का शैक्षिक समायोजन एवं शैक्षिक उपलब्धि पर प्रभाव का अध्ययन

Author Name: पूजा राणा, डॉ. कुलदीप कुमार

1. शोधार्थी, शिक्षा विभाग, महाराजा अग्रसेन हिमालयन गढ़वाल यूनिवर्सिटी (MAHGU), उत्तराखंड, भारत

2. शोध निर्देशक, शिक्षा विभाग, महाराजा अग्रसेन हिमालयन गढ़वाल यूनिवर्सिटी (MAHGU), उत्तराखंड, भारत

Abstract

<p>वर्तमान डिजिटल युग में किशोरों के जीवन में स्मार्टफोन<strong>, </strong>सोशल मीडिया<strong>, </strong>ऑनलाइन गेमिंग<strong>, </strong>रील्स<strong>, </strong>यूट्यूब शॉर्ट्स और <strong>OTT </strong>प्लेटफॉर्म्स की भूमिका निर्णायक हो गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे तीव्र गति से बदलते सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र में<strong>, </strong>जहाँ मुजफ्फरनगर<strong>, </strong>मेरठ<strong>, </strong>सहारनपुर<strong>, </strong>बागपत और शामली जैसे जिलों में 2020 के बाद इंटरनेट घनत्व 88% से अधिक हो गया है<strong>, </strong>किशोरों में डिजिटल व्याकुलता एक गंभीर मनो-शैक्षिक समस्या के रूप में उभरी है।प्रस्तुत शोध का मुख्य उद्देश्य पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किशोरों (कक्षा 9-12<strong>, </strong>आयु 14-18 वर्ष) में डिजिटल व्याकुलता के स्तर का मापन करना तथा उसके शैक्षिक समायोजन और शैक्षिक उपलब्धि पर पड़ने वाले प्रभाव का वैज्ञानिक अध्ययन करना है। अध्ययन में वर्णनात्मक सर्वेक्षण विधि का प्रयोग किया गया। 400 किशोरों (200 ग्रामीण<strong>, </strong>200 शहरी<strong>, </strong>200 बालक<strong>, </strong>200 बालिका) का स्तरीकृत यादृच्छिक न्यादर्श लिया गया। उपकरण के रूप में स्वनिर्मित डिजिटल व्याकुलता मापनी<strong>, </strong>डॉ. ए.के.पी. सिन्हा एवं आर.पी. सिंह की समायोजन सूची (शैक्षिक समायोजन आयाम) तथा विगत वार्षिक परीक्षा के प्राप्तांकों को शैक्षिक उपलब्धि के रूप में लिया गया।निष्कर्षों में पाया गया कि शहरी किशोरों में ग्रामीणों की तुलना में डिजिटल व्याकुलता सार्थक रूप से अधिक है। डिजिटल व्याकुलता का शैक्षिक समायोजन (<strong>r = -</strong>0.62) और शैक्षिक उपलब्धि (<strong>r = -</strong>0.58) दोनों के साथ उच्च नकारात्मक एवं 0.01 स्तर पर सार्थक सहसंबंध है। अर्थात् डिजिटल व्याकुलता बढ़ने पर शैक्षिक समायोजन और उपलब्धि घटती है। यह शोध विद्यालय<strong>, </strong>परिवार और नीति निर्माताओं के लिए डिजिटल डिटॉक्स और डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों की आवश्यकता को रेखांकित करता है।</p>

Keywords

डिजिटल व्याकुलता, किशोर, स्मार्टफोन, सोशल मीडिया, शैक्षिक समायोजन, शैक्षिक उपलब्धि, डिजिटल मीडिया, अध्ययन-अनुशासन।