editor.mrrjournal@gmail.com +91-9650568176 E-ISSN: 2584-184X

MRR Journal

Abstract

Indian Journal of Modern Research and Reviews, 2026; 4(SP1): 37-43

विकसित भारत @2047 की दिशा में डिजिटल मीडिया और महिला सशक्तिकरण: सामाजिक न्याय का समाजशास्त्रीय परिप्रेक्ष्य

Author Name: विजय सिंह

1. शोधार्थी, बनस्थली विद्यापीठ, बनस्थली, राजस्थान, भारत

Abstract

<p>इक्कीसवीं सदी में डिजिटल मीडिया सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक जीवन का एक प्रभावशाली निर्धारक बनकर उभरा है। भारतीय समाज, जो ऐतिहासिक रूप से पितृसत्तात्मक संरचनाओं और लैंगिक असमानताओं से प्रभावित रहा है, वहाँ डिजिटल मीडिया महिला सशक्तिकरण के एक उभरते हुए माध्यम के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह शोध-पत्र डिजिटल मीडिया और महिला सशक्तिकरण के अंतर्संबंधों का एक गहन समाजशास्त्रीय विश्लेषण प्रस्तुत करता है, जिसमें लैंगिक असमानता की निरंतर बनी रहने वाली चुनौतियों तथा सामाजिक न्याय की संभावनाओं का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। अध्ययन यह तर्क प्रस्तुत करता है कि डिजिटल मीडिया महिलाओं के लिए शिक्षा, आर्थिक सहभागिता, सामाजिक पहचान और राजनीतिक अभिव्यक्ति के नए अवसर सृजित करता है, विशेषकर उन महिलाओं के लिए जो पारंपरिक सामाजिक संरचनाओं में हाशिए पर रही हैं। साथ ही, यह शोध डिजिटल डिवाइड, साइबर हिंसा, ऑनलाइन निगरानी, डेटा के दुरुपयोग और संरचनात्मक बहिष्करण जैसी चुनौतियों को भी रेखांकित करता है, जो डिजिटल क्षेत्र में लैंगिक असमानताओं को नए रूपों में पुनः उत्पन्न करती हैं। &lsquo;विकसित भारत @2047&rsquo; की परिकल्पना के संदर्भ में यह शोध इस निष्कर्ष पर पहुँचता है कि महिला सशक्तिकरण केवल तकनीकी विस्तार या डिजिटल पहुँच से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए सामाजिक न्याय, लैंगिक समानता और समावेशी नीतिगत हस्तक्षेप अनिवार्य हैं। अध्ययन यह प्रतिपादित करता है कि डिजिटल मीडिया तभी परिवर्तनकारी भूमिका निभा सकता है, जब महिलाएँ डिजिटल परिवर्तन की मात्र उपभोक्ता न होकर उसकी सक्रिय सहभागी, निर्णयकर्ता और नेतृत्वकर्ता बनें। इस प्रकार, डिजिटल मीडिया के माध्यम से महिला सशक्तिकरण &lsquo;विकसित भारत @2047&rsquo; के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु एक केंद्रीय समाजशास्त्रीय आधार प्रस्तुत करता है।</p>

Keywords

डिजिटल मीडिया, महिला सशक्तिकरण, लैंगिक असमानता, सामाजिक न्याय, विकसित भारत @2047.