Abstract
Indian Journal of Modern Research and Reviews, 2026; 4(SP1): 76-80
सतत विकास-पुनर्गठित अजमेर जिले के विशेष संन्दर्भ में
Author Name: अभिषेक मिश्रा, डॉ. मनोज दाधीच
Abstract
<p>यह शोध-पत्र पुनर्गठित अजमेर जिले के विशेष संदर्भ में सतत पर्यटन (Sustainable Tourism<em>) </em>की अवधारणा<em>, </em>संभावनाओं तथा चुनौतियों का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन में यह स्पष्ट किया गया है कि सतत पर्यटन केवल आर्थिक विकास का माध्यम नहीं है<em>, </em>बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण<em>, </em>सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन तथा स्थानीय समुदाय के सशक्तिकरण का भी महत्वपूर्ण साधन है। अजमेर जिला<em>, </em>जो ऐतिहासिक<em>, </em>धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध है<em>, </em>पर्यटन की अपार संभावनाएँ रखता है।</p>
<p>शोध में अजमेर के प्रमुख पर्यटन स्थलों<em>, </em>ग्रामीण पर्यटन<em>, </em>महिला-केंद्रित पर्यटन तथा इको-टूरिज्म की संभावनाओं का विश्लेषण किया गया है। साथ ही<em>, </em>केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं—जैसे <em>PRASHAD, </em>स्वदेश दर्शन योजना तथा राजस्थान पर्यटन नीति—की भूमिका का भी मूल्यांकन किया गया है। अध्ययन यह भी इंगित करता है कि यदि स्थानीय समुदाय की भागीदारी<em>, </em>पर्यावरणीय संतुलन तथा समावेशी विकास को प्राथमिकता दी जाए<em>, </em>तो पर्यटन क्षेत्र अजमेर जिले में रोजगार सृजन<em>, </em>आय वृद्धि तथा सामाजिक-सांस्कृतिक विकास का सशक्त माध्यम बन सकता है।</p>
<p>अंततः<em>, </em>शोध यह निष्कर्ष प्रस्तुत करता है कि सतत पर्यटन मॉडल अपनाकर अजमेर जिले को एक आदर्श पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सकता है<em>, </em>जिससे दीर्घकालिक आर्थिक<em>, </em>सामाजिक और पर्यावरणीय संतुलन सुनिश्चित किया जा सके।</p>
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Keywords
सतत पर्यटन, अजमेर जिला, इको-टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत, समावेशी विकास, पर्यटन नीति, पर्यावरण संरक्षण
