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MRR Journal

Abstract

Indian Journal of Modern Research and Reviews, 2026; 4(9): 112-124

अजमेर जिले में असंगठित क्षेत्र (घरेलू श्रमिक) में कार्यरत महिलाओं की सामाजिक स्थिति में परिवर्तन का तुलनात्मक अध्ययन

Author Name: Vijay Prakash Meena, Dr. Hemlata Mahawar

1. Research Scholar, Department of Sociology, Faculty of Social Science, University College of Social Sciences and Humanities, Mohanlal Sukhadia University, Udaipur, Rajasthan, India

2. Associate Professor, Department of Sociology, Maharana Pratap Government PG College, Chittorgarh Affiliated to: Mohanlal Sukhadia University, Udaipur, Rajasthan, India

Abstract

<p>प्रस्तुत शोध पत्र का उद्देश्य राजस्थान के अजमेर जिले में असंगठित क्षेत्र के अंतर्गत घरेलू श्रमिक के रूप में कार्यरत महिलाओं की सामाजिक स्थिति में होने वाले परिवर्तनों का तुलनात्मक अध्ययन करना है। घरेलू महिला श्रमिक परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति में महत्त्वपूर्ण योगदान देती हैं<em>, </em>किंतु उनका कार्य प्रायः अनौपचारिक होने के कारण कम वेतन<em>, </em>कार्य की अनिश्चितता<em>, </em>अधिक कार्यभार तथा सामाजिक सुरक्षा के अभाव जैसी चुनौतियों से प्रभावित होता है। अध्ययन में महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि<em>, </em>कार्य एवं आर्थिक स्थिति<em>, </em>सामाजिक सम्मान<em>, </em>पारिवारिक दृष्टिकोण<em>, </em>आत्मविश्वास<em>, </em>व्यक्तिगत स्वतंत्रता तथा निर्णय लेने की क्षमता का विश्लेषण किया गया है। शोध में वर्णनात्मक एवं तुलनात्मक शोध पद्धति का प्रयोग किया गया है। प्राथमिक आँकड़ों के संकलन हेतु संरचित प्रश्नावली का उपयोग किया गया तथा अजमेर जिले की 100 घरेलू महिला श्रमिकों को अध्ययन के नमूने के रूप में सम्मिलित किया गया। आँकड़ों के विश्लेषण हेतु आवृत्ति एवं प्रतिशत पद्धति का प्रयोग किया गया है। अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी केवल आय अर्जित करने तक सीमित नहीं है<em>, </em>बल्कि इसका प्रभाव परिवार में उनकी भूमिका<em>, </em>सामाजिक सम्मान<em>, </em>आत्मविश्वास तथा निर्णय प्रक्रिया में सहभागिता पर भी पड़ सकता है। साथ ही कम वेतन<em>, </em>अधिक कार्यभार<em>, </em>स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ<em>, </em>समय की कमी<em>, </em>पारिवारिक जिम्मेदारियाँ तथा भविष्य की आर्थिक असुरक्षा जैसी चुनौतियाँ भी महिलाओं की सामाजिक स्थिति को प्रभावित करती हैं। अध्ययन घरेलू महिला श्रमिकों के सामाजिक सशक्तिकरण के लिए आर्थिक सुरक्षा<em>, </em>सामाजिक संरक्षण<em>, </em>सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों तथा निर्णय प्रक्रिया में उनकी सहभागिता की आवश्यकता को रेखांकित करता है।</p>

Keywords

घरेलू महिला श्रमिक, असंगठित क्षेत्र, सामाजिक स्थिति, महिला सशक्तिकरण, निर्णय प्रक्रिया, अजमेर जिला।