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MRR Journal

Abstract

Indian Journal of Modern Research and Reviews, 2026; 4(9): 148-151

गांधीवादी नेतृत्व एवं आधुनिक संगठनात्मक प्रबंधन का तुलनात्मक अध्ययन

Author Name: रवि रंजन

1. शोधार्थी, विश्वविद्यालय गांधी विचार विभाग, तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर, बिहार, भारत

Abstract

<p>यह शोध-पत्र महात्मा गांधी के नेतृत्व दर्शन तथा समकालीन प्रबंधन सिद्धांतों के मध्य समानताओं और अंतरों का तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। गांधी का नेतृत्व सत्य<em>, </em>अहिंसा<em>, </em>नैतिक आचरण<em>, </em>विकेंद्रीकरण<em>, </em>आत्मनिर्भरता और जन-सशक्तिकरण जैसे मूल्यों पर आधारित था। उनके लिए नेतृत्व केवल अधिकार एवं नियंत्रण का माध्यम न होकर सेवा<em>, </em>सहभागिता<em>, </em>विश्वास और सामाजिक उत्तरदायित्व का साधन था। यही दृष्टिकोण आधुनिक प्रबंधन में विकसित हुए सर्वेंट लीडरशिप<em>, </em>नैतिक नेतृत्व तथा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व जैसी अवधारणाओं से निकटता प्रदर्शित करता है।</p>

<p>अध्ययन में गांधीवादी नेतृत्व के प्रमुख आयामों की तुलना आधुनिक प्रबंधन के उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व<em>, </em>नैतिक निर्णय-निर्माण<em>, </em>कर्मचारी सहभागिता<em>, </em>टीम-प्रेरणा<em>, </em>विकेंद्रीकृत निर्णय प्रक्रिया तथा सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे प्रमुख पक्षों से की गई है। विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि गांधी के नेतृत्व सिद्धांत केवल ऐतिहासिक एवं राजनीतिक संदर्भ तक सीमित नहीं हैं<em>, </em>बल्कि वर्तमान संगठनात्मक परिवेश में भी उनकी पर्याप्त प्रासंगिकता बनी हुई है। विशेष रूप से नैतिकता<em>, </em>मानवीय दृष्टिकोण<em>, </em>सहभागी नेतृत्व और आत्मनिर्भरता जैसे गांधीवादी मूल्य संगठनों में विश्वास<em>, </em>प्रतिबद्धता और दीर्घकालिक स्थायित्व को बढ़ावा देने में सहायक हो सकते हैं।</p>

<p>अतः यह शोध निष्कर्ष प्रस्तुत करता है कि गांधीवादी नेतृत्व दर्शन और आधुनिक प्रबंधन के बीच महत्वपूर्ण वैचारिक साम्य विद्यमान है। गांधी के नेतृत्व मूल्यों को समकालीन प्रबंधन पद्धतियों के साथ समन्वित करके अधिक नैतिक<em>, </em>मानवीय<em>, </em>सहभागी एवं सामाजिक रूप से उत्तरदायी संगठनात्मक व्यवस्था विकसित की जा सकती है।</p>

Keywords

महात्मा गांधी, गांधीवादी नेतृत्व, नेतृत्व दर्शन, आधुनिक प्रबंधन, नैतिक नेतृत्व, नैतिकता, विकेंद्रीकरण, आत्मनिर्भरता, सर्वेंट लीडरशिप, सामाजिक उत्तरदायित्व।