भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था के परिवर्तन में स्वयं सहायता समूहों ने एक क्रांतिकारी भूमिका निभाई है, विशेषकर महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के संदर्भ में। प्रस्तुत शोध अध्ययन झारखंड राज्य में दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत कार्यरत स्वयं सहायता समूहों से संबद्ध महिलाओं की आर्थिक स्वायत्तता पर डिजिटल वित्तीय समावेशन के प्रभाव का व्यापक एवं गहन विश्लेषण प्रस्तुत करता है। यह अध्ययन मिश्रित शोध पद्धति का उपयोग करते हुए रांची, हजारीबाग एवं कोडरमा जिलों से 385 स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्यों से प्राथमिक आंकड़े एकत्र करता है। शोध के परिणाम स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना के अंतर्गत खोले गए बैंक खाते, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली, तथा स्वयं सहायता समूह-बैंक संबंधन कार्यक्रम ने महिलाओं की बचत क्षमता में 47.6 प्रतिशत, ऋण पहुंच में 63.1 प्रतिशत, तथा वित्तीय निर्णय-निर्माण में 31.6 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। सांख्यिकीय विश्लेषण यह पुष्टि करता है कि डिजिटल वित्तीय समावेशन महिलाओं की आर्थिक स्वायत्तता का सबसे प्रबल भविष्यवक्ता है, जिसका मानकीकृत प्रतीपगमन गुणांक 0.41 पाया गया। अध्ययन नीति-निर्माताओं के लिए डिजिटल वित्तीय समावेशन कार्यक्रमों को सुदृढ़ करने हेतु व्यावहारिक एवं क्रियान्वयन योग्य सुझाव प्रस्तुत करता है।
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. झारखंड राज्य में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आर्थिक स्वायत्तता पर डिजिटल वित्तीय समावेशन का प्रभाव: एक अनुभवजन्य अध्ययन. Indian Journal of Modern Research and Reviews. 2026; 4(1):208-216
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