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Indian Journal of Modern Research and Reviews, 2025; 3(12):106-114

वैश्वीकरण और ग्रामीण समाज: 2011–2020 के हिंदी उपन्यासों में बदलते गाँव की संरचना

Authors: Lumbha Ram; Dr. Rahmat Ali Saiyad;

1. Research Scholar, Department of Hindi, Faculty of Arts & Humanities, Gujarat University Ahmedabad, Gujarat, India

2. Associate Professor, Department of Hindi, Faculty of Arts & Humanities, Gujarat University, Ahmedabad, Gujarat, India

Paper Type: Research Paper
Article Information
Received: 2025-11-03   |   Accepted: 2025-12-26   |   Published: 2025-12-30
Abstract

वैश्वीकरण की प्रक्रिया ने भारतीय ग्रामीण समाज की संरचना, संबंधों और सांस्कृतिक ताने-बाने को व्यापक रूप से प्रभावित किया है। 2011 से 2020 के बीच लिखे गए हिंदी उपन्यास इस परिवर्तन को सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और मनोवैज्ञानिक स्तर पर अभिव्यक्त करते हैं। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य इस अवधि के चयनित हिंदी उपन्यासों में गाँव की बदलती संरचना का विश्लेषण करना है। शोध में यह स्थापित किया गया है कि वैश्वीकरण ने पारंपरिक ग्राम्य जीवन की सामूहिकता, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक स्थिरता को प्रभावित करते हुए एक नई सामाजिक संरचना का निर्माण किया है, जिसमें बाजारवादी मूल्यों, प्रवासन, तकनीकी हस्तक्षेप और सामाजिक गतिशीलता का प्रभुत्व है।

अध्ययन में गुणात्मक पद्धति के अंतर्गत पाठ-विश्लेषण को अपनाया गया है, जिसमें चयनित उपन्यासों के कथानक, पात्र, परिवेश और विमर्शात्मक संरचना का विश्लेषण किया गया है। परिणामों से स्पष्ट होता है कि वैश्वीकरण के प्रभाव से गाँवों में आर्थिक असमानता, सांस्कृतिक विघटन, सामाजिक विभाजन और पहचान संकट की प्रवृत्तियाँ उभरकर सामने आती हैं। साथ ही, यह प्रक्रिया नए अवसरों और सामाजिक गतिशीलता के द्वार भी खोलती है।

अंततः यह निष्कर्ष निकाला गया है कि हिंदी उपन्यासों में चित्रित ग्रामीण समाज एक संक्रमणकालीन अवस्था में है, जहाँ परंपरा और आधुनिकता के बीच निरंतर अंतर्विरोध मौजूद है।

Keywords

वैश्वीकरण, ग्रामीण समाज, हिंदी उपन्यास, सामाजिक परिवर्तन, सांस्कृतिक विघटन, आर्थिक संरचना, प्रवासन, आधुनिकता

How to Cite

. वैश्वीकरण और ग्रामीण समाज: 2011–2020 के हिंदी उपन्यासों में बदलते गाँव की संरचना. Indian Journal of Modern Research and Reviews. 2025; 3(12):106-114

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