“विकसित भारत 2047” की परिकल्पना एक ऐसे समावेशी और सशक्त राष्ट्र के निर्माण पर आधारित है, जिसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की समान भागीदारी सुनिश्चित हो। इस संदर्भ में युवा आदिवासी महिलाओं का सशक्तिकरण अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य यह विश्लेषण करना है कि डिजिटल मीडिया किस प्रकार विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में युवा आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण को प्रभावित करता है।
अध्ययन से स्पष्ट होता है कि डिजिटल मीडिया शिक्षा, सूचना तक पहुँच, कौशल विकास, आर्थिक अवसर और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से युवा आदिवासी महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है। इसके माध्यम से महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होती हैं, आत्मविश्वास विकसित करती हैं तथा सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने लगती हैं।
हालांकि, डिजिटल विभाजन, तकनीकी साक्षरता की कमी, सामाजिक नियंत्रण और सांस्कृतिक बाधाएँ इस प्रक्रिया को सीमित करती हैं। अतः यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि डिजिटल मीडिया युवा आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण साधन है, लेकिन इसका प्रभाव तभी व्यापक और स्थायी होगा जब इसे समावेशी नीतियों, डिजिटल साक्षरता और सामाजिक समर्थन के साथ जोड़ा जाए।
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विजय सिंह. विकसित भारत 2047 के परिप्रेक्ष्य में डिजिटल मीडिया की युवा आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण में भूमिका. Indian Journal of Modern Research and Reviews. 2025; 3(12):121-125
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