भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक रही है। इस शोध पत्र में उन्नीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध से 1947 तक भारतीय महिलाओं की राजनीतिक, सामाजिक और क्रांतिकारी भागीदारी का विस्तृत अध्ययन किया गया है। महिला संगठनों जैसे अखिल भारतीय महिला सम्मेलन, महिला रक्षा समिति और देश सेविका संघ ने न केवल स्वतंत्रता आंदोलन को संगठित किया, बल्कि सामाजिक सुधार और महिला सशक्तिकरण में भी महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। सरोजिनी नायडू, कस्तूरबा गांधी, अरुणा आसफ अली, सुचेता कृपलानी, लक्ष्मी सहगल जैसी महान नेत्रियों ने अपने साहस और नेतृत्व से स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा प्रदान की। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने स्वतंत्रता संग्राम को एक व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप दिया और भारतीय समाज में नारी की स्थिति को नई पहचान दी।
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, महिला संगठन, नारी सशक्तिकरण, सामाजिक सुधार, राष्ट्रीय आंदोलन
प्रो.(मेजर) डॉ. अनिता जून. महिला संगठन व महिला नेतृत्व की भूमिका. Indian Journal of Modern Research and Reviews. 2024; 2(8):54-57
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