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Indian Journal of Modern Research and Reviews, 2026; 4(7):239-245

योगासन का उच्च रक्तचाप रोगियों के स्वास्थ्य पर प्रभाव: एक विस्तृत विश्लेषणात्मक शोध अध्ययन

Authors: सुनिता चौधरी; डॉ. मानेश;

1. शोधार्थी, ज्योति विद्यापीठ महिला विश्वविद्यालय जयपुर, राजस्थान, भारत

2. शोध निर्देशक, ज्योति विद्यापीठ महिला विश्वविद्यालय जयपुर, राजस्थान, भारत

Paper Type: Research Paper
Article Information
Received: 2026-06-07   |   Accepted: 2026-07-28   |   Published: 2026-07-30
Abstract

वर्तमान वैश्विक स्वास्थ्य परिदृश्य में उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) हृदय संबंधी रुग्णता और मृत्यु दर का एक प्रमुख कारण बन गया है। जीवनशैली में बदलाव उच्च रक्तचाप के उपचार की आधारशिला है, फिर भी पारंपरिक चिकित्सा मुख्य रूप से आहार और व्यायाम पर केंद्रित है, जिसमें मानसिक तनाव कम करने की रणनीतियों को अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है। यह शोध अध्ययन उच्च रक्तचाप और पूर्व-उच्च रक्तचाप वाले रोगियों के प्रकुंचन (सिस्टोलिक) और अनुशिथिलन (डायस्टोलिक) रक्तचाप पर योगासनों और प्राणायाम के प्रभावों का एक व्यापक और व्यवस्थित विश्लेषण प्रस्तुत करता है। उपलब्ध वैज्ञानिक साहित्य, यादृच्छिक नैदानिक परीक्षणों (आरसीटी), और मेटा-विश्लेषणों का गहराई से अध्ययन करने पर यह स्पष्ट होता है कि योग का नियमित अभ्यास न केवल रक्तचाप को कम करने में सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, बल्कि यह हृदय गति, शरीर द्रव्यमान सूचकांक (बीएमआई), और स्वायत्त तंत्रिका तंत्र के संतुलन को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। साक्ष्यों से पता चलता है कि योग सिस्टोलिक रक्तचाप में लगभग -४.१७ से -९.६५ एमएमएचजी और डायस्टोलिक रक्तचाप में -३.६२ से -७.२२ एमएमएचजी तक की कमी ला सकता है।

इसके अतिरिक्त, यह अध्ययन योग की अंतर्निहित शरीर-क्रिया विज्ञान (फिजियोलॉजी) का विस्तृत मूल्यांकन करता है—विशेष रूप से हाइपोथैलेमिक-पिट्यूटरी-एड्रेनल (एचपीए) अक्ष, परानुकंपी (पैरासिम्पेथेटिक) तंत्रिका तंत्र की सक्रियता, और बैरोरेसेप्टर संवेदनशीलता पर इसके प्रभाव। निष्कर्ष यह स्थापित करते हैं कि यद्यपि योग को प्राथमिक औषधीय उपचार का पूर्ण विकल्प नहीं माना जा सकता, लेकिन यह एक अत्यंत प्रभावी, गैर-औषधीय पूरक चिकित्सा है जिसे निवारक कार्डियोलॉजी और नैदानिक दिशानिर्देशों में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए।

Keywords

उच्च रक्तचाप, योगासन, सिस्टोलिक रक्तचाप, डायस्टोलिक रक्तचाप, स्वायत्त तंत्रिका तंत्र, हृदय स्वास्थ्य, यादृच्छिक नियंत्रित परीक्षण, पैरासिम्पेथेटिक गतिविधि, प्राणायाम, मेटा-विश्लेषण।

How to Cite

सुनिता चौधरी, डॉ. मानेश. योगासन का उच्च रक्तचाप रोगियों के स्वास्थ्य पर प्रभाव: एक विस्तृत विश्लेषणात्मक शोध अध्ययन. Indian Journal of Modern Research and Reviews. 2026; 4(7):239-245

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