शिक्षा प्रत्येक समाज का आधार होती है। शिक्षा की प्रकृति के माध्यम से ही समाज की प्रकृति का आंकलन किया जाता है। भारत को विश्वगुरु कहा गया है क्योंकि शिक्षा और ज्ञान का उद्भव, विकास और संचार यहीं से प्रारंभ हुआ। कई शताब्दियों में कई संस्कृतियों के सम्मिश्रण से भारतीय शिक्षा प्रणाली में परिवर्तन होता रहा है। स्वतंत्रता के उपरांत 21वीं सदी में नयी शिक्षा नीति 2020 लागू हो चुकी है। इसका समाज के प्रत्येक क्षेत्र पर प्रभाव होने वाला है। प्रस्तुत शोध पत्र में यह जानने का प्रयास किया गया है कि यह शिक्षा नीति शैक्षिक वातावरण के किन आयामों को प्रभावित करने वाली है। विश्लेषण से ज्ञात हुआ कि नवीन शिक्षा नीति द्वारा पाठ्यक्रम, नियामकों, डिजिटल शिक्षा के माध्यम से शैक्षिक वातावरण को परिवर्तित करने की पहल हो चुकी है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, शैक्षिक वातावरणए एनसीईआरटी।
हेमलता चौधरी. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का शैक्षिक वातावरण पर प्रभाव. Indian Journal of Modern Research and Reviews. 2024; 2(6):56-58
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